आज तुम्हारे पास मै आया,
लेकर प्रेम निवेदन,
स्वीकार करो राजकुमारी,
राजकुमार का विनम्र निवेदन।
अगले बरस मै आऊँगा,
अगले बरस मै आऊँगा,
घोड़ी पर ले जाऊँगा।
नही मिली अगर घोड़ी,
गदही से काम चलाऊँगा।।
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5 comments:
हँसी तो आयी, सच!
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विज्ञान । HASH OUT SCIENCE
महगाई का जमाना है जो सस्ती पडे उसी से गुजारा करो.गधी ना मिले तो गधा ही चलेगा
सही है..घोड़ी तो मंहगी पड़ेगी.
अजी गधी , घोडी ..और तो और बकरी भी चलेगी... ..एडजस्ट हो जाएगा जी..जज्बा बरकारार रहना चाहिए...
राजकुमार जी,
पहली नज़र में पढने पर लगा कि यह जो सबस्टिट्यूशन है वो राजकुमारी को इंगित कर लिखा गया है।
फिर बात समझ में आई यह मेरी अपनी भी कमी हो सकती है।
मुकेश कुमार तिवारी
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