दिल के रिश्तों को करीब से देखो,
तो दोस्ती नज़र आती है।
दोस्तों की नज़र में दोस्ती,
मात्र कोई शब्द नही है।
जिधर चल दिये दो पग,
उधर चल दिया दोस्ती का कारवां।
बढ़ती जायेगी उम्र,
लेकिन ये कारवाँ न रूकेगा।
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4 comments:
bahot achchi kavita hai.
धन्यवाद सुन्दर कविता के लिये
सुन्दर कविता !!
कविता तो खुबसूरत है ही . लेकिन इत्ता खूबसूरत ब्लोग , टिपियाने को भी मन नही करता , काहे ?कही गंदा ना हो जाये जी :)
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